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कर्तव्यपालन के दौरान संवेदनशीलता, समर्पण और त्याग का अप्रतिम उदाहरण प्रस्तुत करने वाले शहीद पुलिस कार्मिकों की स्मृति में प्रतिवर्ष 21 अक्टूबर पुलिस स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन हम उन वीर शहीद पुलिसजनों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, जिन्होंने राष्ट्र व समाज की रक्षा में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए प्राणों की आहुति दी है: पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश

मुख्यालय पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश।

लखनऊ।

पुलिस स्मृति दिवस-2025

कर्तव्यपालन के दौरान संवेदनशीलता, समर्पण और त्याग का अप्रतिम उदाहरण प्रस्तुत करने वाले शहीद पुलिस कार्मिकों की स्मृति में प्रतिवर्ष 21 अक्टूबर पुलिस स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन हम उन वीर शहीद पुलिसजनों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, जिन्होंने राष्ट्र व समाज की रक्षा में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए प्राणों की आहुति दी है।

 यह शौर्य गाथा 66 वर्ष पुरानी है जब 21 अक्टूबर 1959 को भारत की उत्तरी सीमा लद्दाख के हिमाच्छादित जनहीन क्षेत्र में केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के 10 जवान नियमित गश्त पर निकले थे। स्वचालित रायफलों व मोर्टारों से लैस चीनी सैनिकों ने छलपूर्वक हमारे क्षेत्र में एम्बुश लगाकर अचानक उन पर हमला कर दिया। अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिये साधारण शस्त्रों के बावजूद चीनी सैनिकों का डटकर मुकाबला करते हुए केन्द्रीय पुलिस बल के इन बहादुर जवानों ने अपने प्राणों की आहुतियांॅ दी थी। इन्हीं वीर जवानों के बलिदान को याद करते हुए कर्तव्यपथ पर प्राणोत्सर्ग करने वाले जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करने हेतु पुलिस स्मृति दिवस मनाने की परम्परा प्रचलित है।

 हमारे पुलिस कर्मियों का बलिदान उनकी सच्ची समर्पण भावना एवं कर्तव्य-परायणता का द्योतक है तथा कर्तव्यनिष्ठा एवं जनसेवा के प्रति उनकी संकल्पबद्धता को प्रतिबिम्बित करता है। वीर पुलिस कर्मियों का त्याग एवं बलिदान देशभक्ति का अद्वितीय उदाहरण बनकर हमारी भावी पीढ़ी को सदैव कर्तव्य-परायणता के मार्ग पर निर्भीकता के साथ अनुगमन की प्रेरणा देता रहेगा।

 पुलिस स्मृति दिवस का आयोजन 21 अक्टूबर को पुलिस लाइन लखनऊ में किया जायेगा। इस अवसर पर मा0 मुख्यमंत्री जी उ0प्र0 द्वारा शहीद पुलिसजनों को श्रद्धांजलि अर्पित की जायेगी तथा शहीदों के परिवारिजनों को सम्मानित किया जायेगा।

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  सम्पूर्ण भारतवर्ष में 01 सितम्बर 2024 से 31 अगस्त 2025 तक कर्तव्य की वेदी पर 186 पुलिसजन ने अपने प्राणों को न्योछावर किया। इनमें उत्तर प्रदेश के 03 पुलिसजन कमशः निरीक्षक/दलनायक सुनील कुमार एस0टी0एफ0 उत्तर प्रदेश, मुख्य आरक्षी दुर्गेश कुमार सिंह जनपद जौनपुर व आरक्षी सौरभ कुमार कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर सम्मिलित हैं। कर्तव्य पालन में आत्म बलिदान करने वाले इन वीर शहीदों के पराक्रम से प्रदेश का सम्पूर्ण पुलिस बल गौरवान्वित है।

दिनांक 01.09.2024 से 31.08.2025 तक की अवधि में कर्तव्यपथ पर वीरगति को प्राप्त हुए उत्तर प्रदेश पुलिस कर्मियों की शौर्य गाथा

1. स्व0 सुनील कुमार, निरीक्षक/दलनायक-900770179,एस0टी0एफ0, उ0प्र0।

 दिनांकः 20.01.2025 को निरीक्षक सुनील कुमार, उप निरीक्षक प्रमोद कुमार, मुख्य आरक्षी प्रीतम सिंह, मुख्य आरक्षी चालक जयवर्धन, उप निरीक्षक जयबीर सिंह, मुख्य आरक्षी रोमिश तोमर, मुख्य आरक्षी आकाश दीप, मुख्य आरक्षी अंकित श्योरान एवं आरक्षी चालक प्रदीप धनकड़ सरकारी वाहनों द्वारा आवष्यक शस्त्र एवं कारतूसों के साथ रू0 01 लाख के इनामी अपराधी अरशद की तलाश में थे। इसी मध्य मुखबिर द्वारा अरशद एवं उसके साथियों के सफेद रंग की ब्रेजा गाड़ी में मौजूद होने व किसी बडे़ अपराध को कारित करने की सूचना दी गयी। इस सूचना पर निरीक्षक सुनील कुमार के नेतृत्व में एस0टी0एफ0 की टीम द्वारा रात्रि 23.00 बजे बिडौली चैसाना चौराहा जनपद शामली पर बदमाशों की घेराबन्दी की गयी व गिरफ्तारी के उद्देश्य से रोकने के प्रयास के दौरान उदयपुर भठ्ठे के पास अरशद व उसके साथियों द्वारा एस0टी0एफ0 टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई। बदमाशों की कई गोलियाँ निरीक्षक सुनील कुमार को लगी, बावजूद इसके उन्हांने एस0टी0एफ0 टीम का नेतृत्व किया एवं टीम सहित उनके द्वारा आत्मरक्षार्थ चलाई गयी गोलियों से चार बदमाश घायल हो गये, जिनकी इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। कर्तव्यपालन के दौरान घायल निरीक्षक/दलनायक सुनील कुमार को घायल अवस्था में अमृतधारा अस्पताल, करनाल हरियाणा में भर्ती कराया गया। गम्भीर स्थिति के कारण उन्हें मेदांता अस्पताल, गुरूग्राम हरियाणा रेफर किया गया, जहां पर इलाज के दौरान दिनांकः 22.01.2025 को समय 14.30 बजे उनका निधन हो गया। इस प्रकार निरीक्षक/दलनायक सुनील कुमार अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुये शहीद हो गये।

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2. स्व0 दुर्गेश कुमार सिंह, मुख्य आरक्षी नागरिक पुलिस-112386649 जनपद जौनपुर।

 दिनांकः 12.05.2025 को मु0आ0 दुर्गेश कुमार सिंह की रोस्टर ड्यटी प्रभारी निरीक्षक चन्दवक, जौनपुर के हमराह के रूप में लगायी गयी थी, जिसके अनुपालन मे मु0आ0 दुर्गेश कुमार सिंह प्रभारी निरीक्षक के साथ सरकारी वाहन से दिनांकः 17.05.2025 को देखभाल क्षेत्र एवं तहसील दिवस में सम्मिलित होने हेतु थाना चन्दवक से रवाना हुये। तहसील दिवस समाप्त होने के उपरान्त थाना जलालपुर जौनपुर पर पंजीकृत मु0अ0सं0-151/25 धारा 109(1), 324(4) बी0एन0एस0 से सम्बन्धित गो-तस्करों के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान के तहत प्रभारी निरीक्षक चन्दवक, जौनपुर सत्यप्रकाश सिंह द्वारा उच्चाधिकारीगण के आदेश-निर्देश के अनुपालन में खुज्झी मोड, थाना चन्दवक, जौनपुर पर सड़क पर अवरोधक लगाकर आने-जाने वाले वाहनों को चेक किये जाने के दौरान समय करीब 23.50 बजे पिकप वाहन संख्याःयूपी 65 पीटी 9227 के ड्राइवर व पिकअप पर सवार अभियुक्तों को खुज्झी मोड़ के पास टार्च की रोशनी से रूकने का इशारा किया जा रहा था, तभी वाहन चालक द्वारा मुख्य आरक्षी दुर्गेश कुमार सिंह के ऊपर जान से मारने की नियत से वाहन चढ़ा दिया गया, जिससे मुख्य आरक्षी दुर्गेश कुमार सिंह गम्भीर रूप से घायल हो गये, जिन्हें इलाज हेतु ट्रामा सेटर बीएचयू वाराणसी ले जाया गया, जहां पर चिकित्सकों द्वारा उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

 घटना के उपरान्त पुलिस की टीमों द्वारा घेराबन्दी करते हुये अभियुक्तों का पीछा किया गया तथा अभियुक्तों द्वारा थाना चन्दवक, जौनपुर अन्तर्गत ग्राम सतमेसरा के बगीचे में छिपकर पुलिस पार्टी पर फायरिंग की गयी, जिसमें जवाबी कार्यवाही में तीनों अभियुक्त गोली लगने के कारण घायल हो गये तथा अभियुक्त सलमान की इलाज के दौरान मृत्यु हो गयी।

 इस प्रकार मुख्य आरक्षी दुर्गेश कुमार सिंह अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुये शहीद हो गये।

3. स्व0 सौरभ कुमार, आरक्षी नागरिक पुलिस-163201421 कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर।

दिनांकः 25.05.2025 को उ0नि0 सचिन राठी मय हमराही उ0नि0 उदित सिंह, उ0नि0 निखिल, का0 सचिन, का0 सौरभ, का0 सन्दीप कुमार व का0 सोनित के साथ थाना फेस-3, नोएडा, गौतमबुद्धनगर पर पंजीकृत मु0अ0सं0-211/25 में वांछित अभियुक्त कादिर निवासी जनपद गाजियाबाद की तलाश में मुखबिर की सूचना पर ग्राम नहाल थाना मसूरी जनपद गाजियाबाद रवाना हुये।ं

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मुखबिर खास ने बताया कि अपराधी कादिर पुलिस को देखकर भाग जाता है एवं गांव में आपराधिक प्रवृत्ति के कई लोग रहते हैं। मुखबिर ने कुछ दूर बैठे व्यक्तियांं को देखकर इशारे से बताया कि बीच में बैठा व्यक्ति कादिर है, इस पर पुलिस टीम ने दबिश देकर कादिर को पकड़ा। इसी बीच कादिर चिल्लाने लगा कि पुलिस वाले मुझे पकड़ कर ले जा रहे हैं, इनको पकड़ो और मारो। इतना सुनते ही वहाँ बहुत सारे लोग इकट्ठा हो गये और पुलिस पर हमला कर दिया। कादिर को गाड़ी में बैठाने के दौरान कादिर के भाई व अन्य लोगों ने पुलिस पार्टी पर फायर शुरु कर दिया, जिसमें कांस्टेबल सौरभ के सिर पर गोली लगी और साथ में कांस्टेबल सोनित मौके पर गिर गया। जब कांस्टेबल सौरभ, सोनित व अन्य को उठाकर गाड़ी में बैठाने लगे तो पुनः उग्र भीड़ द्वारा फायर और पथराव किया गया। पुलिस की एक टीम अभियुक्त कादिर को लेकर वहां से निकली तथा दूसरी टीम घायल आरक्षी सौरभ कुमार को तत्काल गाड़ी से लेकर यशोदा अस्पताल, नेहरू नगर, गाजियाबाद पहुँची, जहाँ चिकित्सकों द्वारा आरक्षी सौरभ कुमार को मृत घोषित कर दिया गया।

   इस प्रकार आरक्षी सौरभ कुमार अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुये शहीद हो गये।

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